मोदी सरकार के 21 दिन लॉकडाउन के घोषणा के कुछ दिनों बाद ही दिहाड़ी-मजदूर पैदल ही अपने घरों को निकल पड़े हैं। हाल ही में दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर और आनंद विहार में हज़ारों की तादाद में लोग बस में अपने अपने घर वापिस लौटने के लिए इक्कठा हुए। इसके तुरंत बाद ही एक रिपोर्ट इंटरनेट पे चलने लगी जिसमे ये कहा जा रहा हे के सरकार 21 दिन के लॉकडाउन को आगे बढ़ा सकती है। पर अब सरकार ने खुद इस खबर को गलत करार दिया हे। पिछले दिनों हज़ारो की तादात में लोग अपने अपने घर वापसी क लिए हाईवे पे चल दिए । इस भारी भीड़ के चलते कोरोना संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा बढ़ लगा तथा सरकार खुद इस बात से काफ़ी परेशान हो गयी । जिस तरह से ये वायरस फैल रहा है, दो लोगों का एक साथ होना भी खतरे से खाली नहीं। ठीक इसी बीच एक खबर इंटरनेट पे चलने लगी के सरकार 21 दिन के लॉकडाउन को आगे बढ़ा सकती है। इस उड़ती खबर ने सरकार के कान खड़े कर दिए और अब खुद सरकार ने इस खबर की गलत करार दिया। पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती ने इस खबर को गलत करार दिया और ये कहा के सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं हे। ऐसा क्या था उस रिपोर्ट में ? उस रिपोर्ट के मुताबिक ये खबर आयी थी के हजारों लोगों के सड़कों पर आने से सरकार के द्वारा कोरोना से लड़ने की रणनीति में कुछ बदलाव किया जा सकता है। और इसके चलते लॉकडाउन आगे बढ़ाया जा सकता है। पर अब सरकार ने इस इस बात का खंडन किया है। और इस खबर को गलत बताया हे।
The result is that one of the most protected people on the planet has caught a disease that has cured more than 1 million people worldwide, more than 200,000 of them in the United States.