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भारत के एमडीएफ सेगमेंट में भी मई में खराब लिफ्टिंग

March 5th 2020

पैनल उद्योग की बहु उपयोगी उत्पाद होने के बावजूद एमडीएफ केटेगरी में कमजोर लिफ्टिंग देखने को मिल रही हैं। एमडीएफ सेगमेंट में मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों नें हाई कैपेसिटी का उपयोग करते हुए उत्पादन किया, लेकिन बाजार में उसके अनुसार मांग देखने को नहीं मिली। एमडीएफ निर्माता एमडीएफ की डिमांड के अनुसार तेजी से रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन वैसा प्रतीत नहीं हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, एमडीएफ बाजार में कोविड के पहले की बिक्री का 20 से 25 प्रतिशत ही देखी गई, हालांकि जून में इसमें वृद्धि होने की उम्मीद है जो कि अन्य वुड बेस्ड पैनल और सब्सट्रेट मेटेरियल में नहीं दिख रहा है।

बेहतर मांग की उम्मीद का तर्क यह है, कि एमडीएफ उद्योग में बहुत कम प्लेयर्स हैं और वे बहुत कम क्रेडिट पर काम करते है। इसके अलावा, प्लांट को चलाने के लिए एमडीएफ लाइनों में कम लेवर की आवश्यकता होती है, क्योंकि अधिकांश मशीनें स्वचालित और कॉन्टिन्यिुअस मैन्युफैक्चरिंग लाइन होती हैं, इसलिए क्षमता का पूरा उपयोग बहाल करना प्लाइवुड की तुलना में बहुत आसान है। प्लाई रिपोर्टर के विश्लेषण के अनुसार लगभग 10 उत्पादन संयंत्रों के साथ, और पतली एमडीएफ शीट पर सेफगार्ड ड्यूटी की शुरुआतहोने से जून में एमडीएफ सेगमेंट से बेहतर परिणाम देने की उम्मीद है।

ज्ञातव्य है कि, जब सरकार ने 4 मई से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी थी, तो एमडीएफ के अधिकांश प्लेयर्स ने उत्पादन शुरू कर दिया था और दूसरों की तुलना में बाजार में मेटेरियल की सप्लाई भी शुरू कर दी थी। इस जानकारी को लिखने तक की रिपोर्टों के अनुसार, कुछ संयंत्र बंद थे, और कुछ अपने गोदामों में भारी स्टॉक के साथ काम कर रहे थे।

इसके बावजूद, अगर हम एक तालिका में सभी प्लांट के संचालन को जोड़ते हैं तो प्राप्त डेटा एमडीएफ केटेगरी में लगभग 30 फीसदी उत्पादन क्षमता के उपयोग की ओर इशारा करता है। 1 जून से अधिकांश बाजार खुल जाएगा, तो अधिकांश एमडीएफ उत्पादक जून की मांग के बारे में अत्यधिक आशावादी हैं, और उनका कहना है कि आने वाले महीनो में सभी स्टॉक समाप्त कर लिया जाएगा।

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