Transporting him to the hospital it was discovered that blood alcohol

पार्टिकल बोर्ड इंडस्ट्रीः क्षमता विस्तार और प्रतिस्पर्धा साथ साथ!

March 5th 2020

भारतीय पार्टिकल बोर्ड इंडस्ट्री में अगले 2 वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ने जा रही है, कई प्लाइवुड और डेकोरेटिव पैनल वाली कंपनियां, इसके लिए लागत, निवेश, लाइसेंस और बाजार में संभावनाओं पर काम कर रही हैं। कई नए प्लेयर्स भी इसके विकास की दौड़ में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। मेरिनो, ग्रीनलैम जैसी बड़ी लेमिनेट कंपनियों के अलावा कई अन्य कंपनियां, 500 सीबीएम से अधिक क्षमता वाले प्लांट स्थापित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। साथ ही लगभग एक दर्जन और कंपनियां 200 से 300 सीबीएम क्षमता वाले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने पर काम कर रही हैं। कई वुड पैनल और प्लाइवुड बनाने वाली कंपनियां 20 एकड़ से ज्यादा बड़े आकार की भूमि का अधिग्रहण कर रही है, और संबंधित परियोजनाओं की व्यवहार्यता का आकलन कर रही हैं। एक बार जब अंतरराष्ट्रीय यात्रायें शुरू होंगी उसके बाद, भारत में अगले दो वर्षों में पार्टिकल बोर्ड मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी लगभग 2500 से 3000सीबीएम/दिन जुड़ सकती है।

यह सच है कि कोविड की महामारी नें पार्टिकल बोर्ड सेक्टर की किस्मत बदल दी है, क्योंकि कोविड से पहले यह सेक्टर कम मुनाफे के कारण काफी संघर्ष कर रहा था। रेडीमेड फर्नीचर के बढ़ते चलन और आयातित पार्टिकल बोर्ड की ऊंची कीमत के चलते इस सेक्टर के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हआ है। विकास के परिदृश्य और इसकी बड़ी क्षमता को देखते हुए, वुड पैनल प्लेयर्स ने इस सेगमेंट में निवेश करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है, जिससे भारतीय फर्नीचर सेक्टर को और आगे बढ़ने में मदद मिलेगी, क्योंकि भविष्य में फर्नीचर सेक्टर के ग्रोथ के लिए अच्छी क्वालिटी के पार्टिकल बोर्ड की बड़ी जरूरत होगी। लेकिन, क्या यह इतना आसान है?

क्या इस उत्पाद के बाजार में प्लेयर्स की भीड़ बढ़ने के बाद पर्याप्त रूप से सस्टेनेबल मार्जिन मिल पाएगी? ऐसे सवालों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए। भारत में वुड पैनल सेक्टर के लिए लाभप्रदता बनाए रखना, लकड़ी की खरीद और केमिकल की कीमतें स्थिर रखना एक चुनौती बनी हुई हैं। इस तिमाही में पार्टिकल बोर्ड उद्योग की बिक्री और लाभप्रदता में उल्लेखनीय गिरावट आई है, और यह भी सही है कि उद्योग अपनी 60 फीसदी क्षमता पर चल रही है। इसलिए निष्कर्ष यह है कि भारतीय पार्टिकल बोर्ड इंडस्ट्री में क्षमता वृद्धि सही है लेकिन इसकी स्थिरता पर एक प्रश्न चिन्ह है!

जून 2021 के अंक प्रकाशित होने में 2 सप्ताह की देरी हो गई है क्योंकि लॉकडाउन के चलते हमारे डिस्पैच में दिक्कतें थीं। आपको हुई असुविधा के लिए हमें खेद है! इस अंक में बहुत सारे न्यूज रिपोर्ट, करेंट अफेयर्स, और कुछ प्रमुख ब्रांडों की वित्तीय रिपोर्ट प्रकाशित किये गए हैं। इसके अलावा कोविड की दूसरी लहर के बाद, प्रोडक्ट लॉन्च, और प्लाइवुड, लेमिनेट, पार्टिकल बोर्ड, एमडीएफ, टिम्बर, डोर्स, आदि से संबंधित रिपोर्ट व् जानकारी से यह अंक भरा हुआ है। कोविड की दूसरी लहर के दौरान प्लाई रिपोर्टर के ई-कॉन्क्लेव में उद्योग और व्यापार जगत के लीडर्स के साथ हुई बातचीत के मुख्य अंश और उनके महत्वपूर्ण विचार भी इस अंक में प्रस्तुतकिए गए हैं। ग्रीनप्लाई, अमूल्या माइका, ओजोन हार्डवेयर और अंबिका हाइड्रोलिक्स के प्रोडक्ट लॉन्च और इनोवेशन की जानकारी आपकी यादास्त ताजा कर देगा। अनलॉकिंग की प्रक्रिया के साथ मांग में सुधार हो रहा है और अनुमान है कि जुलाई से बाजार ट्रैक पर होगा।

सुरक्षित रहें, टीका जरूर लगवाएं!

Image
Ply Reporter
Plywood | Laminate | Hardware

The result is that one of the most protected people on the planet has caught a disease that has cured more than 1 million people worldwide, more than 200,000 of them in the United States.

PREVIOS POST
Particle Boards Industry To Embrace Competition Along Wit...
NEXT POST
Ambica Press App is a Better Way to Connect And Serve its...