कोरोना वायरस अब पुरे विश्व के 175 देशों में फैल चूका है । इसके चलते हालात काफ़ी गंभीर हो सकते हैं । भारत में कूल 902 मामले आ चुके हैं जिनमे से कूल 20 लोगों की मौत हो चुकी हे। भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन के चलते आगे चलके काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता हे । भारत में केवल 22.10 फीसदी सैलरी क्लास के हैं तथा 76.20 फीसदी वल्नरेबल वर्कर्स हैं । Lockdown के कारण सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्ता पे पड़ेगा। सोशल सिक्यॉरिटी की कमी के चलते ये कहना लाज़मी हे क भारत की हालत दयनीय है। अन्य देशों के मुकाबले भारत पर इस वायरस का असर काफ़ी गहरा और अलग होने वाला हे। अगर आंकड़ों की बात करे तो भारत में 10 में से सिर्फ 2 लोग ऐसे हैं जिनकी सैलरी है या फिक्स कमाई है । विकसित देशों के मुक़ाबले भारत में 21 दिन Lockdown का लोगों पर गंभीर परिणाम होगा ।
कोरोना वायरस अब पुरे विश्व के 175 देशों में फैल चूका है । इसके चलते हालात काफ़ी गंभीर हो सकते हैं । भारत में कूल 902 मामले आ चुके हैं जिनमे से कूल 20 लोगों की मौत हो चुकी हे। भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन के चलते आगे चलके काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता हे । भारत में केवल 22.10 फीसदी सैलरी क्लास के हैं तथा 76.20 फीसदी वल्नरेबल वर्कर्स हैं । Lockdown के कारण सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्ता पे पड़ेगा। सोशल सिक्यॉरिटी की कमी के चलते ये कहना लाज़मी हे क भारत की हालत दयनीय है।
अन्य देशों के मुकाबले भारत पर इस वायरस का असर काफ़ी गहरा और अलग होने वाला हे। अगर आंकड़ों की बात करे तो भारत में 10 में से सिर्फ 2 लोग ऐसे हैं जिनकी सैलरी है या फिक्स कमाई है । विकसित देशों के मुक़ाबले भारत में 21 दिन Lockdown का लोगों पर गंभीर परिणाम होगा ।
The result is that one of the most protected people on the planet has caught a disease that has cured more than 1 million people worldwide, more than 200,000 of them in the United States.